जिंदगी हमेशा भरी सी थी,
पर आज लगा वो खाली सी है ;
पर आज पता चला,
की उसमे कोई नहीं,
बस वो बीन पेनदी।
की थाली सी है,
हसरतें शौहरत और गुरुर सी है ;
बस जिंदगी में कोई तवज्जु देने को नहीं है,
क्या करू पता नहीं,
अपनी जिंदगी में मैं पागल सा हूं,
ना किसी ने पूछा ना किसी को पाया!
बस मुझे अपने आप को खोने का डर है |
-------------रितिक सिंह साहिब
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