सृष्टि की विडंवना
कुदरत के कई करिशमो में,
एक अबाज निराली है।
जो की एक प्रेम कि,
एक प्रणाली है ;
जितना कहा जाए उतना कम है,
और जिवन एक एसे रहस्य का नाम है,
इस संसार की अलोचना मे।
जिसमे भंती भंती के गुण है ;
कभी हम टुटते और विखरते हैं ।
तो कभी मुसकुरा कर संसाधनों की आलोचना करते है;
कभी हम सृस्टि के रचइता को कोसते हैं;
तो उनको अपने सा हाय के लिए धन्यवाद करते हैं।
----------------रितीक सिंह साहीब
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